श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 26: सीता का करुण-विलाप तथा अपने प्राणों को त्याग देने का निश्चय करना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  5.26.29 
नूनं राक्षसकन्यानां रुदतीनां गृहे गृहे।
श्रोष्यामि नचिरादेव दु:खार्तानामिह ध्वनिम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
'शीघ्र ही मैं लंका के प्रत्येक घर में राक्षस कन्याओं का शोक से विलाप सुनूंगा।
 
‘Very soon I shall hear the wailing of the demon girls, overcome with grief, in every home in Lanka.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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