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श्लोक 5.26.23  |
अन्विष्य रक्षसां लङ्कां कुर्याद् राम: सलक्ष्मण:।
नहि ताभ्यां रिपुर्दृष्टो मुहूर्तमपि जीवति॥ २३॥ |
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| अनुवाद |
| श्री राम और लक्ष्मण अवश्य ही लंका का पता लगाकर राक्षसों का वध करेंगे। जिस शत्रु को ये दोनों भाई एक बार देख लेते हैं, वह दो क्षण भी जीवित नहीं रह सकता॥ 23॥ |
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| Sri Rama and Lakshmana will definitely find Lanka and kill the demons. The enemy whom these two brothers see once cannot survive even for two moments.॥ 23॥ |
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