श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 26: सीता का करुण-विलाप तथा अपने प्राणों को त्याग देने का निश्चय करना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  5.26.21 
निर्दहेच्च पुरीं लङ्कां निर्दहेच्च महोदधिम्।
रावणस्य च नीचस्य कीर्तिं नाम च नाशयेत्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
हम लंकापुरी जला देते, समुद्र जला देते और इस नीच निशाचर रावण का नाम और यश भी नष्ट कर देते॥21॥
 
We would have burnt Lankapuri, burnt the ocean and also destroyed the name and fame of this despicable nocturnal Ravana. 21॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd