श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 26: सीता का करुण-विलाप तथा अपने प्राणों को त्याग देने का निश्चय करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.26.13 
निरुद्धा रावणेनाहमल्पवीर्येण रक्षसा।
समर्थ: खलु मे भर्ता रावणं हन्तुमाहवे॥ १३॥
 
 
अनुवाद
इस दुर्बल राक्षस रावण ने मुझे कैद कर लिया है। निश्चय ही मेरे पति युद्धभूमि में इस रावण को मारने में समर्थ हैं।॥13॥
 
This weak demon Ravana has imprisoned me. Surely my husband is capable of killing this Ravana in the battlefield.॥ 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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