Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.25.18: मैं नहीं जानता कि पूर्वजन्म में मैंने दूसरे शरीर में कौन-सा महान पाप किया था, जिसके कारण मुझे यह अत्यंत घोर, भयानक और महान दुःख भोगना पड़ा है॥18॥ | ramayan सर्ग 5.25: राक्षसियों की बात मानने से इनकार करके शोक-संतप्त सीता का विलाप करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं नहीं जानता कि पूर्वजन्म में मैंने दूसरे शरीर में कौन-सा महान पाप किया था, जिसके कारण मुझे यह अत्यंत घोर, भयानक और महान दुःख भोगना पड़ा है॥18॥
I do not know what great sin I committed in my previous life in another body, due to which I have had to undergo this extremely severe, terrible and great suffering.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥