Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.23.19: ‘देवी! मैंने तुमसे अच्छी, सच्ची और हितकारी बात कही है। हे सुंदर मुस्कान वाली सीता! मेरी बात सुनो, अन्यथा तुम्हें अपने प्राण गँवाने पड़ेंगे।’॥19॥ | ramayan सर्ग 5.23: राक्षसियों का सीताजी को समझाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
साधु ते तत्त्वतो देवि कथितं साधु भामिनि।
गृहाण सुस्मिते वाक्यमन्यथा न भविष्यसि॥ १९॥
अनुवाद
‘देवी! मैंने तुमसे अच्छी, सच्ची और हितकारी बात कही है। हे सुंदर मुस्कान वाली सीता! मेरी बात सुनो, अन्यथा तुम्हें अपने प्राण गँवाने पड़ेंगे।’॥19॥
‘Goddess! I have told you something good, true and beneficial. O Sita with a beautiful smile! Please listen to me, otherwise you will have to lose your life.’॥ 19॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये सुन्दरकाण्डे त्रयोविंश: सर्ग:॥ २३॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके सुन्दरकाण्डमें तेईसवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ २३॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥