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ramayan 5.23.12-13: महाबली राजा रावण अपनी परमप्रिय एवं पूजनीय पत्नी मन्दोदरी को, जो सबकी स्वामिनी है, छोड़कर तुम्हारे पास आएगा। तुम्हारा सौभाग्य कितना महान है! वह हजारों सुन्दर स्त्रियों से युक्त और अनेक प्रकार के रत्नों से विभूषित उस अन्तःपुर को छोड़कर तुम्हारे पास आएगा (अतः तुम उसकी प्रार्थना स्वीकार करो)॥12-13॥   |   ramayan सर्ग 5.23: राक्षसियों का सीताजी को समझाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 23: राक्षसियों का सीताजी को समझाना  »  श्लोक 12-13
 
 
श्लोक  5.23.12-13 
प्रियां बहुमतां भार्यां त्यक्त्वा राजा महाबल:।
सर्वासां च महाभागां त्वामुपैष्यति रावण:॥ १२॥
समृद्धं स्त्रीसहस्रेण नानारत्नोपशोभितम्।
अन्त:पुरं तदुत्सृज्य त्वामुपैष्यति रावण:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
महाबली राजा रावण अपनी परमप्रिय एवं पूजनीय पत्नी मन्दोदरी को, जो सबकी स्वामिनी है, छोड़कर तुम्हारे पास आएगा। तुम्हारा सौभाग्य कितना महान है! वह हजारों सुन्दर स्त्रियों से युक्त और अनेक प्रकार के रत्नों से विभूषित उस अन्तःपुर को छोड़कर तुम्हारे पास आएगा (अतः तुम उसकी प्रार्थना स्वीकार करो)॥12-13॥
 
‘The mighty King Ravana will come to you leaving behind his most beloved and respected wife Mandodari, who is the mistress of all. How great is your good fortune. He will come to you leaving behind that inner chamber filled with thousands of beautiful women and adorned with many kinds of gems (so you should accept his request)’॥ 12-13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)