श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 22: रावण का सीता को दो मास की अवधि देना, सीता का उसे फटकारना, फिर रावण का उन्हें धमकाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.22.9 
द्वाभ्यामूर्ध्वं तु मासाभ्यां भर्तारं मामनिच्छतीम्।
मम त्वां प्रातराशार्थे सूदाश्छेत्स्यन्ति खण्डश:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
"अतः स्मरण रखो - यदि दो महीने के बाद भी तुमने मुझे अपना पति स्वीकार नहीं किया, तो रसोइये मेरे कलेजे के बदले में तुम्हें टुकड़े-टुकड़े कर देंगे।" ॥9॥
 
"So remember—if after two months you do not accept me as your husband, the cooks will chop you into pieces for my liver." ॥9॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas