श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 22: रावण का सीता को दो मास की अवधि देना, सीता का उसे फटकारना, फिर रावण का उन्हें धमकाना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.22.7 
एवमुक्त्वा तु वैदेहीं रावणो राक्षसाधिप:।
क्रोधसंरम्भसंयुक्त: सीतामुत्तरमब्रवीत्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
विदेह राजकुमारी सीता से ऐसा कहकर राक्षसराज रावण ने क्रोध में भरकर उनसे इस प्रकार कहा -॥7॥
 
Having said this to Videha princess Sita, the demon king Ravana, filled with anger, replied to her in this manner -॥ 7॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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