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ramayan 5.22.45: तत्पश्चात् देवताओं, गन्धर्वों और नागों की कन्याएँ रावण को चारों ओर से घेरकर उसके साथ उस अद्भुत राजभवन में चली गईं।   |   ramayan सर्ग 5.22: रावण का सीता को दो मास की अवधि देना, सीता का उसे फटकारना, फिर रावण का उन्हें धमकाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 22: रावण का सीता को दो मास की अवधि देना, सीता का उसे फटकारना, फिर रावण का उन्हें धमकाना  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  5.22.45 
देवगन्धर्वकन्याश्च नागकन्याश्च तास्तत:।
परिवार्य दशग्रीवं प्रविशुस्ता गृहोत्तमम्॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् देवताओं, गन्धर्वों और नागों की कन्याएँ रावण को चारों ओर से घेरकर उसके साथ उस अद्भुत राजभवन में चली गईं।
 
Thereafter the daughters of the gods, Gandharvas and serpents, surrounding Ravana from all sides, went along with him to that wonderful royal palace.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)