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ramayan 5.22.4: यह काम (प्रेम) मनुष्यों में बड़ा टेढ़ा है। जिस पर यह आसक्त हो जाता है, उसके प्रति दया और स्नेह उत्पन्न हो जाता है॥4॥   |   ramayan सर्ग 5.22: रावण का सीता को दो मास की अवधि देना, सीता का उसे फटकारना, फिर रावण का उन्हें धमकाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.22.4 
वाम: कामो मनुष्याणां यस्मिन् किल निबध्यते।
जने तस्मिंस्त्वनुक्रोश: स्नेहश्च किल जायते॥ ४॥
 
 
अनुवाद
यह काम (प्रेम) मनुष्यों में बड़ा टेढ़ा है। जिस पर यह आसक्त हो जाता है, उसके प्रति दया और स्नेह उत्पन्न हो जाता है॥4॥
 
‘This Kaam (love) is very crooked in human beings. The person towards whom it gets attached, he develops compassion and affection towards him.॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)