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ramayan 5.22.38-39h: राक्षसियों को बार-बार यह आदेश देकर राक्षसराज रावण काम और क्रोध से उत्तेजित होकर जानकी पर गर्जना करने लगा।   |   ramayan सर्ग 5.22: रावण का सीता को दो मास की अवधि देना, सीता का उसे फटकारना, फिर रावण का उन्हें धमकाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 22: रावण का सीता को दो मास की अवधि देना, सीता का उसे फटकारना, फिर रावण का उन्हें धमकाना  »  श्लोक 38-39h
 
 
श्लोक  5.22.38-39h 
इति प्रतिसमादिश्य राक्षसेन्द्र: पुन: पुन:॥ ३८॥
काममन्युपरीतात्मा जानकीं प्रति गर्जत।
 
 
अनुवाद
राक्षसियों को बार-बार यह आदेश देकर राक्षसराज रावण काम और क्रोध से उत्तेजित होकर जानकी पर गर्जना करने लगा।
 
Having given these repeated orders to the demonesses, the demon king Ravana, agitated by lust and anger, began roaring at Janaki.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)