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ramayan 5.22.24: वह नीले बादल के समान काला और विशाल था। उसकी भुजाएँ और गर्दन बड़ी थीं। वह सिंह के समान वेग और पराक्रम में तेजस्वी था। उसकी जीभ अग्नि की ज्वाला के समान चमक रही थी और उसके नेत्र अत्यंत भयानक प्रतीत हो रहे थे॥24॥   |   ramayan सर्ग 5.22: रावण का सीता को दो मास की अवधि देना, सीता का उसे फटकारना, फिर रावण का उन्हें धमकाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.22.24 
नीलजीमूतसंकाशो महाभुजशिरोधर:।
सिंहसत्त्वगति: श्रीमान् दीप्तजिह्वोग्रलोचन:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
वह नीले बादल के समान काला और विशाल था। उसकी भुजाएँ और गर्दन बड़ी थीं। वह सिंह के समान वेग और पराक्रम में तेजस्वी था। उसकी जीभ अग्नि की ज्वाला के समान चमक रही थी और उसके नेत्र अत्यंत भयानक प्रतीत हो रहे थे॥24॥
 
He was black like the blue cloud and huge in size. His arms and neck were large. He was like a lion in speed and prowess and appeared majestic. His tongue was flickering like a flame of fire and his eyes appeared very terrifying.॥24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)