Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.22.2: इस संसार में पुरुष स्त्रियों से जितना अधिक विनती करता है, स्त्रियाँ उतना ही उससे प्रेम करती हैं; परन्तु मैं जितना ही तुमसे मधुर बातें करता हूँ, तुम उतना ही अधिक मेरा तिरस्कार करते हो॥2॥ | ramayan सर्ग 5.22: रावण का सीता को दो मास की अवधि देना, सीता का उसे फटकारना, फिर रावण का उन्हें धमकाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस संसार में पुरुष स्त्रियों से जितना अधिक विनती करता है, स्त्रियाँ उतना ही उससे प्रेम करती हैं; परन्तु मैं जितना ही तुमसे मधुर बातें करता हूँ, तुम उतना ही अधिक मेरा तिरस्कार करते हो॥2॥
In this world, the more a man pleads with women, the more he is loved by them; but the more I speak sweetly to you, the more you despise me.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥