श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 22: रावण का सीता को दो मास की अवधि देना, सीता का उसे फटकारना, फिर रावण का उन्हें धमकाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.22.16 
यथा दृप्तश्च मातंग: शशश्च सहितौ वने।
तथा द्विरदवद् रामस्त्वं नीच शशवत् स्मृत:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
जैसे वन में मतवाला हाथी और खरगोश संयोगवश आपस में लड़ने का निश्चय कर लेते हैं, वैसे ही भगवान राम और तुम भी आपस में लड़ने को तैयार हो। हे नीच रात्रिचर! भगवान राम हाथियों के राजा के समान हैं और तुम खरगोश के समान हो॥16॥
 
‘Just as a drunken elephant and a rabbit in the forest, by chance, decide to fight with each other, similarly are Lord Rama and you. Lowly night creature! Lord Rama is like a king of elephants and you are like a rabbit.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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