श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 22: रावण का सीता को दो मास की अवधि देना, सीता का उसे फटकारना, फिर रावण का उन्हें धमकाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.22.1 
सीताया वचनं श्रुत्वा परुषं राक्षसेश्वर:।
प्रत्युवाच तत: सीतां विप्रियं प्रियदर्शनाम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
सीता के ये कठोर वचन सुनकर राक्षसराज रावण ने प्यारी सीता को यह अप्रिय उत्तर दिया-॥1॥
 
On hearing these harsh words from Sita, the demon king Ravana gave this unpleasant reply to the lovely Sita -॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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