Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.21.5-6: क्योंकि मैं महान कुल में उत्पन्न हुई हूँ और विवाह करके मैं एक पवित्र कुल में आई हूँ।' रावण से ऐसा कहकर विदेह की प्रतापी राजकुमारी ने उसकी ओर पीठ करके इस प्रकार कहा - 'रावण! मैं एक पतिव्रता और पराई स्त्री हूँ। मैं तुम्हारी पत्नी बनने के योग्य नहीं हूँ। | ramayan सर्ग 5.21: सीताजी का रावण को समझाना और उसे श्रीराम के सामने नगण्य बताना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्योंकि मैं महान कुल में उत्पन्न हुई हूँ और विवाह करके मैं एक पवित्र कुल में आई हूँ।' रावण से ऐसा कहकर विदेह की प्रतापी राजकुमारी ने उसकी ओर पीठ करके इस प्रकार कहा - 'रावण! मैं एक पतिव्रता और पराई स्त्री हूँ। मैं तुम्हारी पत्नी बनने के योग्य नहीं हूँ।
Because I was born in a great family and by marriage I have come to a pious family.' Saying this to Ravana, the glorious princess of Videha turned her back towards him and said thus - 'Ravan! I am a chaste and a stranger woman. I am not worthy of becoming your wife.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥