Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.21.28: जैसे भगवान विष्णु ने अपने तीन पगों से ही दैत्यों से राज्य की तेजस्विता छीन ली थी, उसी प्रकार मेरे स्वामी शत्रुघ्न भगवान राम मुझे शीघ्र ही यहाँ से ले जाएँगे॥ 28॥   |   ramayan सर्ग 5.21: सीताजी का रावण को समझाना और उसे श्रीराम के सामने नगण्य बताना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 21: सीताजी का रावण को समझाना और उसे श्रीराम के सामने नगण्य बताना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  5.21.28 
अपनेष्यति मां भर्ता त्वत्त: शीघ्रमरिंदम:।
असुरेभ्य: श्रियं दीप्तां विष्णुस्त्रिभिरिव क्रमै:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
जैसे भगवान विष्णु ने अपने तीन पगों से ही दैत्यों से राज्य की तेजस्विता छीन ली थी, उसी प्रकार मेरे स्वामी शत्रुघ्न भगवान राम मुझे शीघ्र ही यहाँ से ले जाएँगे॥ 28॥
 
Just as Lord Vishnu had snatched away the radiant wealth of the kingdom from the demons with just three of his steps, in the same manner, my lord Shatrughan, Lord Rama will very soon take me away from here.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)