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ramayan 5.20.19: मैं इस संसार में किसी दूसरे पुरुष को नहीं देखता जो मेरा सामना कर सके। तुम युद्ध में मेरे उस महान पराक्रम को देखो, जिसके सामने कोई भी शत्रु टिक नहीं सकता॥19॥   |   ramayan सर्ग 5.20: रावण का सीताजी को प्रलोभन   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 20: रावण का सीताजी को प्रलोभन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  5.20.19 
नेह पश्यामि लोकेऽन्यं यो मे प्रतिबलो भवेत्।
पश्य मे सुमहद्वीर्यमप्रतिद्वन्द्वमाहवे॥ १९॥
 
 
अनुवाद
मैं इस संसार में किसी दूसरे पुरुष को नहीं देखता जो मेरा सामना कर सके। तुम युद्ध में मेरे उस महान पराक्रम को देखो, जिसके सामने कोई भी शत्रु टिक नहीं सकता॥19॥
 
I do not see any other man in this world who can face me. You should see my great prowess in the war, in front of which no opponent can stand.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)