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ramayan 5.19.21: वह दुःख से अभिभूत हो गयी और मन ही मन हाथ जोड़कर अपने कुलदेवता से प्रार्थना करने लगी कि दशमुख रावण भगवान राम के हाथों पराजित हो।   |   ramayan सर्ग 5.19: रावण को देखकर दुःख, भय और चिन्ता में डूबी हुई सीता की अवस्था का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.19.21 
आयाचमानां दु:खार्तां प्राञ्जलिं देवतामिव।
भावेन रघुमुख्यस्य दशग्रीवपराभवम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
वह दुःख से अभिभूत हो गयी और मन ही मन हाथ जोड़कर अपने कुलदेवता से प्रार्थना करने लगी कि दशमुख रावण भगवान राम के हाथों पराजित हो।
 
She was overwhelmed with grief and silently prayed to her family deity with folded hands that Dasamukh Ravana be defeated at the hands of Lord Rama.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)