श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 19: रावण को देखकर दुःख, भय और चिन्ता में डूबी हुई सीता की अवस्था का वर्णन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  5.19.10 
वृत्तशीले कुले जातामाचारवति धार्मिके।
पुन: संस्कारमापन्नां जातामिव च दुष्कुले॥ १०॥
 
 
अनुवाद
यद्यपि वह गुणवान एवं सुसंस्कारी कुल में उत्पन्न हुई थी और उसका विवाह भी धार्मिक एवं सुसंस्कारी कुल में हुआ था, तथापि वह भ्रष्ट कुल में जन्मी स्त्री के समान मलिन दिखाई देती थी ॥10॥
 
Though she was born in a virtuous and well behaved family and was married into a religious and well behaved family, she still looked dirty like a woman born in a corrupt family.॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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