Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.18.4: जागने पर परम भाग्यशाली एवं प्रतापी राक्षसराज रावण को सबसे पहले विदेहनन्दिनी सीता का ध्यान आया। उस समय निद्रा के कारण उसकी माला और वस्त्र अपने स्थान से खिसक गए थे। | ramayan सर्ग 5.18: अपनी स्त्रियों से घिरे हुए रावण का अशोकवाटिका में आगमन और हनुमान जी का उसे देखना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जागने पर परम भाग्यशाली एवं प्रतापी राक्षसराज रावण को सबसे पहले विदेहनन्दिनी सीता का ध्यान आया। उस समय निद्रा के कारण उसकी माला और वस्त्र अपने स्थान से खिसक गए थे।
On waking up, the very fortunate and glorious demon king Ravana first thought of Videhanandini Sita. At that time, due to sleep, his garland and clothes had slipped from their place.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥