Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.18.31: यद्यपि मृतक हनुमान जी भी बड़े भयंकर और तेजस्वी थे, तथापि वे रावण के तेज से हतप्रभ होकर घने पत्तों के बीच छिप गए॥31॥ | ramayan सर्ग 5.18: अपनी स्त्रियों से घिरे हुए रावण का अशोकवाटिका में आगमन और हनुमान जी का उसे देखना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स तथाप्युग्रतेजा: स निर्धूतस्तस्य तेजसा।
पत्रे गुह्यान्तरे सक्तो मतिमान् संवृतोऽभवत्॥ ३१॥
अनुवाद
यद्यपि मृतक हनुमान जी भी बड़े भयंकर और तेजस्वी थे, तथापि वे रावण के तेज से हतप्रभ होकर घने पत्तों के बीच छिप गए॥31॥
Although the deceased Hanuman ji was also very fierce and bright, yet he got shunned by Ravana's brilliance and hid himself among the dense leaves. 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥