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श्लोक  5.18.16 
व्याविद्धहारकेयूरा: समामृदितवर्णका:।
समागलितकेशान्ता: सस्वेदवदनास्तथा॥ १६॥
 
 
अनुवाद
उनके गले के हार और बाजूबंद अपनी जगह से खिसक गए थे। उनके श्रृंगार के सामान गायब हो गए थे। उनकी चोटियाँ खुली हुई थीं और उनके चेहरों पर पसीने की बूँदें उभर आई थीं।
 
Their necklaces and armlets had slipped from their places. Their cosmetics had vanished. Their braids were open and beads of sweat were appearing on their faces.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)