Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.16.27: जो लोग भगवान राम से वियोग होने पर भी अपने शरीर को धारण किए हुए हैं, वे दुःख से अत्यंत दुर्बल नहीं होते, यह उनका अत्यंत कठिन कार्य है॥ 27॥ | ramayan सर्ग 5.16: हनुमान जी का मन-ही-मन सीताजी के शील और सौन्दर्य की सराहना करते हुए उन्हें कष्ट में पड़ी देख स्वयं भी उनके लिये शोक करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग भगवान राम से वियोग होने पर भी अपने शरीर को धारण किए हुए हैं, वे दुःख से अत्यंत दुर्बल नहीं होते, यह उनका अत्यंत कठिन कार्य है॥ 27॥
Even after being separated from Lord Rama, those who are still holding on to their bodies do not become extremely weakened by sorrow, this is their extremely difficult task.॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥