Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.16.23: जैसे राज्य खोया हुआ राजा पृथ्वी का राज्य पुनः पाकर अत्यन्त प्रसन्न होता है, उसी प्रकार श्री रघुनाथ भी उसे पुनः पाकर अवश्य ही अत्यन्त प्रसन्न होंगे॥ 23॥ | ramayan सर्ग 5.16: हनुमान जी का मन-ही-मन सीताजी के शील और सौन्दर्य की सराहना करते हुए उन्हें कष्ट में पड़ी देख स्वयं भी उनके लिये शोक करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे राज्य खोया हुआ राजा पृथ्वी का राज्य पुनः पाकर अत्यन्त प्रसन्न होता है, उसी प्रकार श्री रघुनाथ भी उसे पुनः पाकर अवश्य ही अत्यन्त प्रसन्न होंगे॥ 23॥
Just as a king who has lost his kingdom is very happy on getting back the kingdom of the earth, in the same way Sri Raghunatha will surely be very happy on getting him back. ॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥