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ramayan 5.16.2: लगभग दो घण्टे तक विचार करने के बाद उनकी आँखों में आँसू भर आये और महाबली हनुमान सीता के लिए इस प्रकार विलाप करने लगे।   |   ramayan सर्ग 5.16: हनुमान जी का मन-ही-मन सीताजी के शील और सौन्दर्य की सराहना करते हुए उन्हें कष्ट में पड़ी देख स्वयं भी उनके लिये शोक करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.16.2 
स मुहूर्तमिव ध्यात्वा बाष्पपर्याकुलेक्षण:।
सीतामाश्रित्य तेजस्वी हनूमान् विललाप ह॥ २॥
 
 
अनुवाद
लगभग दो घण्टे तक विचार करने के बाद उनकी आँखों में आँसू भर आये और महाबली हनुमान सीता के लिए इस प्रकार विलाप करने लगे।
 
After thinking for about two hours, his eyes filled with tears and the illustrious Hanuman began to lament for Sita in this manner.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)