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राज्यं वा त्रिषु लोकेषु सीता वा जनकात्मजा।
त्रैलोक्यराज्यं सकलं सीताया नाप्नुयात् कलाम्॥ १४॥
अनुवाद
यदि हम तीनों लोकों के राज्य को एक ओर और जनकपुत्री सीता को दूसरी ओर रखकर उनकी तुलना करें, तो तीनों लोकों का सम्पूर्ण राज्य सीता के एक अंश के बराबर भी नहीं हो सकता॥14॥
‘If we put the kingdom of the three worlds on one side and Janaka's daughter Sita on the other side and compare them, then the entire kingdom of the three worlds cannot even be equal to one part of Sita.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥