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ramayan 5.16.11: वालिका ने जिस दुर्लभ वानरों के धन की रक्षा की थी, वह उसके कारण ही विश्वविख्यात सुग्रीव को प्राप्त हुआ ॥11॥   |   ramayan सर्ग 5.16: हनुमान जी का मन-ही-मन सीताजी के शील और सौन्दर्य की सराहना करते हुए उन्हें कष्ट में पड़ी देख स्वयं भी उनके लिये शोक करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.16.11 
ऐश्वर्यं वानराणां च दुर्लभं वालिपालितम्।
अस्या निमित्ते सुग्रीव: प्राप्तवाँल्लोकविश्रुत:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
वालिका ने जिस दुर्लभ वानरों के धन की रक्षा की थी, वह उसके कारण ही विश्वविख्यात सुग्रीव को प्राप्त हुआ ॥11॥
 
The rare wealth of the monkeys, which was protected by Valika, was acquired by the world-renowned Sugreeva because of her. ॥11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)