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ramayan 5.15.51: भगवान राम के दिव्य रूप और देवी सीता के प्रत्येक अंग की मनोहरता और लावण्य को देखते हुए, काली आँखों वाली सीता उनके लिए उपयुक्त पत्नी हैं ॥ 51॥   |   ramayan सर्ग 5.15: वन की शोभा देखते हुए हनुमान जी का एक चैत्यप्रासाद (मन्दिर) के पास सीता को दयनीय अवस्था में देखना, पहचानना और प्रसन्न होना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 15: वन की शोभा देखते हुए हनुमान जी का एक चैत्यप्रासाद (मन्दिर) के पास सीता को दयनीय अवस्था में देखना, पहचानना और प्रसन्न होना  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  5.15.51 
अस्या देव्या यथारूपमंगप्रत्यंगसौष्ठवम्।
रामस्य च यथारूपं तस्येयमसितेक्षणा॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
भगवान राम के दिव्य रूप और देवी सीता के प्रत्येक अंग की मनोहरता और लावण्य को देखते हुए, काली आँखों वाली सीता उनके लिए उपयुक्त पत्नी हैं ॥ 51॥
 
Considering the divine form of Lord Rama and the charming appearance and grace of each and every limb of Goddess Sita, Sita with the black eyes is a suitable wife for him. ॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)