Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.15.28-29h: देवी सीता का मुख पूर्ण चन्द्रमा के समान सुन्दर था। उनकी भौहें अत्यंत सुन्दर थीं। उनके दोनों स्तन सुन्दर और गोल थे। उन्होंने अपने शरीर के तेज से समस्त दिशाओं का अंधकार दूर कर दिया था। | ramayan सर्ग 5.15: वन की शोभा देखते हुए हनुमान जी का एक चैत्यप्रासाद (मन्दिर) के पास सीता को दयनीय अवस्था में देखना, पहचानना और प्रसन्न होना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवी सीता का मुख पूर्ण चन्द्रमा के समान सुन्दर था। उनकी भौहें अत्यंत सुन्दर थीं। उनके दोनों स्तन सुन्दर और गोल थे। उन्होंने अपने शरीर के तेज से समस्त दिशाओं का अंधकार दूर कर दिया था।
Goddess Sita's face was as beautiful as the full moon. Her eyebrows were very beautiful. Both her breasts were lovely and round. She dispelled the darkness of all directions with the radiance of her body. 28 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥