Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.13.57: जिस प्रकार वहाँ के समस्त राक्षसों को पराजित करने के पश्चात् एक तपस्वी को सफलता प्राप्त होती है, उसी प्रकार मैं इक्ष्वाकुवंश को आनन्द प्रदान करने वाली देवी सीता को श्री रामचन्द्र के हाथों में सौंप दूँगा।' | ramayan सर्ग 5.13: सीताजी के नाश की आशंका से हनुमान्जी की चिन्ता, श्रीराम को सीता के न मिलने की सचना देने से अनर्थ की सम्भावना देख हनुमान का पुनः खोजने का विचार करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार वहाँ के समस्त राक्षसों को पराजित करने के पश्चात् एक तपस्वी को सफलता प्राप्त होती है, उसी प्रकार मैं इक्ष्वाकुवंश को आनन्द प्रदान करने वाली देवी सीता को श्री रामचन्द्र के हाथों में सौंप दूँगा।'
Just as an ascetic is granted success after defeating all the demons there, in the same way I will hand over Goddess Sita, who brings joy to the Ikshvaku clan, into the hands of Shri Ramachandra.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥