Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.13.49: तत्पश्चात् धीर-वीरों में श्रेष्ठ हनुमान् ने विचार किया - 'अथवा महाबली दसमुख वाले रावण को क्यों न मार डाला जाए? यदि सीता का अपहरण भी हुआ है, तो इस रावण को मारकर उस शत्रुता का पूर्णतया बदला चुकाया जा सकेगा॥49॥ | ramayan सर्ग 5.13: सीताजी के नाश की आशंका से हनुमान्जी की चिन्ता, श्रीराम को सीता के न मिलने की सचना देने से अनर्थ की सम्भावना देख हनुमान का पुनः खोजने का विचार करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् धीर-वीरों में श्रेष्ठ हनुमान् ने विचार किया - 'अथवा महाबली दसमुख वाले रावण को क्यों न मार डाला जाए? यदि सीता का अपहरण भी हुआ है, तो इस रावण को मारकर उस शत्रुता का पूर्णतया बदला चुकाया जा सकेगा॥49॥
Thereafter, Hanuman, the best of the patient and brave, thought - 'Or why not kill the mighty ten faced Ravana. Even if Sita has been kidnapped, by killing this Ravana, that enmity will be fully avenged. 49॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥