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ramayan 5.13.31: ‘अपने माता-पिता के नाश और सुग्रीव की मृत्यु से दुःखी होकर कुमार अंगद भी प्राण त्याग देंगे।॥31॥   |   ramayan सर्ग 5.13: सीताजी के नाश की आशंका से हनुमान्जी की चिन्ता, श्रीराम को सीता के न मिलने की सचना देने से अनर्थ की सम्भावना देख हनुमान का पुनः खोजने का विचार करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 13: सीताजी के नाश की आशंका से हनुमान्जी की चिन्ता, श्रीराम को सीता के न मिलने की सचना देने से अनर्थ की सम्भावना देख हनुमान का पुनः खोजने का विचार करना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  5.13.31 
मातापित्रोर्विनाशेन सुग्रीवव्यसनेन च।
कुमारोऽप्यंगदस्तस्माद् विजहिष्यति जीवितम्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
‘अपने माता-पिता के नाश और सुग्रीव की मृत्यु से दुःखी होकर कुमार अंगद भी प्राण त्याग देंगे।॥31॥
 
‘Troublesome with the destruction of his parents and the death of Sugreeva, Kumar Angad too will give up his life.॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)