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ramayan 5.13.26: अपने दोनों भाइयों के नाश का समाचार सुनकर भरत भी प्राण त्याग देंगे; और भरत की मृत्यु देखकर शत्रुघ्न भी जीवित न रह सकेंगे॥ 26॥   |   ramayan सर्ग 5.13: सीताजी के नाश की आशंका से हनुमान्जी की चिन्ता, श्रीराम को सीता के न मिलने की सचना देने से अनर्थ की सम्भावना देख हनुमान का पुनः खोजने का विचार करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 13: सीताजी के नाश की आशंका से हनुमान्जी की चिन्ता, श्रीराम को सीता के न मिलने की सचना देने से अनर्थ की सम्भावना देख हनुमान का पुनः खोजने का विचार करना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  5.13.26 
विनष्टौ भ्रातरौ श्रुत्वा भरतोऽपि मरिष्यति।
भरतं च मृतं दृष्ट्वा शत्रुघ्नो न भविष्यति॥ २६॥
 
 
अनुवाद
अपने दोनों भाइयों के नाश का समाचार सुनकर भरत भी प्राण त्याग देंगे; और भरत की मृत्यु देखकर शत्रुघ्न भी जीवित न रह सकेंगे॥ 26॥
 
On hearing the news of the destruction of his two brothers, Bharata too will give up his life; and on seeing Bharata's death, Shatrughna too will not be able to survive.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)