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विनष्टौ भ्रातरौ श्रुत्वा भरतोऽपि मरिष्यति।
भरतं च मृतं दृष्ट्वा शत्रुघ्नो न भविष्यति॥ २६॥
अनुवाद
अपने दोनों भाइयों के नाश का समाचार सुनकर भरत भी प्राण त्याग देंगे; और भरत की मृत्यु देखकर शत्रुघ्न भी जीवित न रह सकेंगे॥ 26॥
On hearing the news of the destruction of his two brothers, Bharata too will give up his life; and on seeing Bharata's death, Shatrughna too will not be able to survive.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥