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ramayan 5.13.23: यदि मैं वहाँ जाकर श्री राम से यह कठोर बात कह दूँ कि मैंने सीता को नहीं देखा, तो वे प्राण त्याग देंगे॥23॥   |   ramayan सर्ग 5.13: सीताजी के नाश की आशंका से हनुमान्जी की चिन्ता, श्रीराम को सीता के न मिलने की सचना देने से अनर्थ की सम्भावना देख हनुमान का पुनः खोजने का विचार करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 13: सीताजी के नाश की आशंका से हनुमान्जी की चिन्ता, श्रीराम को सीता के न मिलने की सचना देने से अनर्थ की सम्भावना देख हनुमान का पुनः खोजने का विचार करना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  5.13.23 
गत्वा तु यदि काकुत्स्थं वक्ष्यामि परुषं वच:।
न दृष्टेति मया सीता ततस्त्यक्ष्यति जीवितम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
यदि मैं वहाँ जाकर श्री राम से यह कठोर बात कह दूँ कि मैंने सीता को नहीं देखा, तो वे प्राण त्याग देंगे॥23॥
 
If I go there and tell Sri Rama this harsh thing that I have not seen Sita, then he will give up his life. ॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)