Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.13.2: पुनः रावण के सब घरों की परिक्रमा करने के पश्चात् जब महाबली हनुमान्जी को जनकननदिनी सीताजी का दर्शन नहीं हुआ, तब वे मन ही मन इस प्रकार कहने लगे -॥2॥ | ramayan सर्ग 5.13: सीताजी के नाश की आशंका से हनुमान्जी की चिन्ता, श्रीराम को सीता के न मिलने की सचना देने से अनर्थ की सम्भावना देख हनुमान का पुनः खोजने का विचार करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुनः रावण के सब घरों की परिक्रमा करने के पश्चात् जब महाबली हनुमान्जी को जनकननदिनी सीताजी का दर्शन नहीं हुआ, तब वे मन ही मन इस प्रकार कहने लगे -॥2॥
After going round all the houses of Ravana once again, when the great monkey Hanuman did not see Janakanandini Sita, he began to say thus to himself -॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥