Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.13.19: ऐसी स्थिति में जब कोई भी कार्य करना कठिन प्रतीत हो रहा हो, तब वर्तमान परिस्थिति के अनुसार मेरे लिए क्या करना उचित होगा?’ हनुमानजी बार-बार इन बातों पर विचार करने लगे॥19॥ | ramayan सर्ग 5.13: सीताजी के नाश की आशंका से हनुमान्जी की चिन्ता, श्रीराम को सीता के न मिलने की सचना देने से अनर्थ की सम्भावना देख हनुमान का पुनः खोजने का विचार करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऐसी स्थिति में जब कोई भी कार्य करना कठिन प्रतीत हो रहा हो, तब वर्तमान परिस्थिति के अनुसार मेरे लिए क्या करना उचित होगा?’ हनुमानजी बार-बार इन बातों पर विचार करने लगे॥19॥
In such a situation, when doing any work seems difficult, what would be the right thing for me to do according to the current situation?' Hanumanji started thinking about these things again and again. ॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥