Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.10.42: कोई अन्य सुन्दरी, जिसकी आँखें नशीली थीं, अपने स्वर्ण-सदृश गोरे, कोमल, बलवान और आकर्षक शरीर से मृदंग को दबाती हुई गहरी नींद में सो गई थी। | ramayan सर्ग 5.10: हनुमान जी का अन्तःपुर में सोये हुए रावण तथा गाढ़ निद्रा में पड़ी हुई उसकी स्त्रियों को देखना तथा मन्दोदरी को सीता समझकर प्रसन्न होना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कोई अन्य सुन्दरी, जिसकी आँखें नशीली थीं, अपने स्वर्ण-सदृश गोरे, कोमल, बलवान और आकर्षक शरीर से मृदंग को दबाती हुई गहरी नींद में सो गई थी।
Some other beautiful lady with intoxicated eyes had fallen into a deep sleep pressing the Mridanga with her golden-like fair, soft, strong and charming body.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥