Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.10.31: वानरराज हनुमान ने देखा कि रावण की पत्नियों के चेहरे चाँद की तरह चमक रहे थे। वे सुंदर कुंडलों से सुसज्जित थीं और उनके गले में कभी न मुरझाने वाले फूलों की मालाएँ थीं। | ramayan सर्ग 5.10: हनुमान जी का अन्तःपुर में सोये हुए रावण तथा गाढ़ निद्रा में पड़ी हुई उसकी स्त्रियों को देखना तथा मन्दोदरी को सीता समझकर प्रसन्न होना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वानरराज हनुमान ने देखा कि रावण की पत्नियों के चेहरे चाँद की तरह चमक रहे थे। वे सुंदर कुंडलों से सुसज्जित थीं और उनके गले में कभी न मुरझाने वाले फूलों की मालाएँ थीं।
Hanuman, the monkey lord, saw that the faces of Ravana's wives were shining like the moon. They were adorned with beautiful earrings and wore garlands of flowers that never faded.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥