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ramayan 5.10.30: उस विशालकाय राक्षस राजा के घर में, जो अपनी पत्नियों का प्रेमी था, हनुमान ने भी उसकी पत्नियों को अपने पैरों के पास सोते हुए देखा।   |   ramayan सर्ग 5.10: हनुमान जी का अन्तःपुर में सोये हुए रावण तथा गाढ़ निद्रा में पड़ी हुई उसकी स्त्रियों को देखना तथा मन्दोदरी को सीता समझकर प्रसन्न होना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 10: हनुमान जी का अन्तःपुर में सोये हुए रावण तथा गाढ़ निद्रा में पड़ी हुई उसकी स्त्रियों को देखना तथा मन्दोदरी को सीता समझकर प्रसन्न होना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  5.10.30 
पादमूलगताश्चापि ददर्श सुमहात्मन:।
पत्नी: स प्रियभार्यस्य तस्य रक्ष:पतेर्गृहे॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
उस विशालकाय राक्षस राजा के घर में, जो अपनी पत्नियों का प्रेमी था, हनुमान ने भी उसकी पत्नियों को अपने पैरों के पास सोते हुए देखा।
 
In the house of that huge demon king, who was a lover of his wives, Hanuman also saw his wives sleeping near his feet.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)