Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.10.1: वहाँ चारों ओर देखते हुए हनुमान जी ने एक दिव्य और उत्तम वेदी देखी, जिस पर एक पलंग बिछा हुआ था। वह वेदी स्फटिक की बनी हुई थी और उसमें अनेक प्रकार के रत्न जड़े हुए थे॥1॥ | ramayan सर्ग 5.10: हनुमान जी का अन्तःपुर में सोये हुए रावण तथा गाढ़ निद्रा में पड़ी हुई उसकी स्त्रियों को देखना तथा मन्दोदरी को सीता समझकर प्रसन्न होना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ चारों ओर देखते हुए हनुमान जी ने एक दिव्य और उत्तम वेदी देखी, जिस पर एक पलंग बिछा हुआ था। वह वेदी स्फटिक की बनी हुई थी और उसमें अनेक प्रकार के रत्न जड़े हुए थे॥1॥
While looking around there, Hanuman ji saw a divine and excellent altar on which a bed was laid. That altar was made of crystal and many kinds of gems were embedded in it.॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥