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त्वमिहासुरसङ्घानां देवराज्ञा महात्मना।
पातालनिलयानां हि परिघ: संनिवेशित:॥ ९२॥
अनुवाद
‘शैलप्रवर! महामना देवराज इन्द्र ने पाताल में रहने वाले दैत्यों के निकलने का मार्ग रोकने के लिए आपको यहाँ परिधि के रूप में स्थापित किया है ॥92॥
‘Shailpravar! Mahamana Devraj Indra has established you here in the form of a perimeter to block the way out of the demons living in the underworld. 92॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥