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ramayan 5.1.81: हनुमानजी द्वारा खींचे जाने पर श्वेत, लाल, नील और मजीठ रंग के वे विशाल बादल वहाँ बहुत ही शोभायमान हो रहे थे ॥ 81॥   |   ramayan सर्ग 5.1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना  »  श्लोक 81
 
 
श्लोक  5.1.81 
पाण्डुरारुणवर्णानि नीलमञ्जिष्ठकानि च।
कपिनाऽऽकृष्यमाणानि महाभ्राणि चकाशिरे॥ ८१॥
 
 
अनुवाद
हनुमानजी द्वारा खींचे जाने पर श्वेत, लाल, नील और मजीठ रंग के वे विशाल बादल वहाँ बहुत ही शोभायमान हो रहे थे ॥ 81॥
 
Pulled by Hanumanji, those large clouds of white, red, indigo and madder colours looked very beautiful there. ॥ 81॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)