श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  5.1.74 
तिमिनक्रझषा: कूर्मा दृश्यन्ते विवृतास्तदा।
वस्त्रापकर्षणेनेव शरीराणि शरीरिणाम्॥ ७४॥
 
 
अनुवाद
जल के हट जाने से समुद्र के अन्दर रहने वाले मगरमच्छ, साँप, मछलियाँ और कछुए स्पष्ट दिखाई देने लगे। जैसे वस्त्र खींच लेने पर जीवों के शरीर स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं। 74.
 
Due to the removal of water, the crocodiles, snakes, fishes and tortoises living inside the sea were clearly visible. Just as the bodies of living beings become visible when their clothes are pulled off. 74.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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