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ramayan 5.1.63: उनकी कमर के नीचे का भाग बहुत लाल था। इससे महाकपि हनुमान फटे हुए केसरिया बालों वाले विशाल पर्वत के समान प्रतीत हो रहे थे। 63.   |   ramayan सर्ग 5.1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.1.63 
स्फिग्देशेनातिताम्रेण रराज स महाकपि:।
महता दारितेनेव गिरिर्गैरिकधातुना॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
उनकी कमर के नीचे का भाग बहुत लाल था। इससे महाकपि हनुमान फटे हुए केसरिया बालों वाले विशाल पर्वत के समान प्रतीत हो रहे थे। 63.
 
The part below his waist was very red. This made the great ape Hanuman look like a huge mountain with torn saffron hair. 63.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)