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स मत्तकोयष्टिभकान् पादपान् पुष्पशालिन:।
उद्वहन्नुरुवेगेन जगाम विमलेऽम्बरे॥ ४६॥
अनुवाद
हनुमानजी, मदमस्त शिकारी पक्षी, अनेक पुष्प-सज्जित वृक्ष तथा अन्य पक्षी, स्वच्छ आकाश में बड़ी तेजी से आगे बढ़ने लगे।
Hanuman, the intoxicated bird of prey and the numerous flower-adorned trees, along with the other birds, began to advance in the clear sky with his great speed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥