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ramayan 5.1.32: उस समय हनुमान अग्नि के समान प्रकट हुए, शरीर और केश हिलाते हुए, विशाल मेघ के समान जोर से गर्जना करने लगे।   |   ramayan सर्ग 5.1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.1.32 
दुधुवे च स रोमाणि चकम्पे चानलोपम:।
ननाद च महानादं सुमहानिव तोयद:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
उस समय हनुमान अग्नि के समान प्रकट हुए, शरीर और केश हिलाते हुए, विशाल मेघ के समान जोर से गर्जना करने लगे।
 
At that time Hanuman appeared like fire. He shook his body and shook his hair and roared loudly like a huge cloud.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)