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ramayan 5.1.31: तपस्वी मुनियों के ये वचन सुनकर विद्याधरों ने पर्वत की चोटी पर महाबली वानरराज हनुमान को देखा।   |   ramayan सर्ग 5.1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.1.31 
इति विद्याधरा वाच: श्रुत्वा तेषां तपस्विनाम्।
तमप्रमेयं ददृशु: पर्वते वानरर्षभम्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
तपस्वी मुनियों के ये वचन सुनकर विद्याधरों ने पर्वत की चोटी पर महाबली वानरराज हनुमान को देखा।
 
After listening to these words of the ascetic saints, the Vidyadharas saw Hanuman, the mighty monkey king, on top of the mountain.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)