Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.1.26: उनकी पत्नियाँ गले में हार, पैरों में पायल, भुजाओं में बाजूबंद और कलाइयों में कंगन पहने हुए, आकाश में अपने पतियों के साथ मंद-मंद मुस्कुराती हुई आश्चर्यचकित खड़ी थीं॥ 26॥ | ramayan सर्ग 5.1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनकी पत्नियाँ गले में हार, पैरों में पायल, भुजाओं में बाजूबंद और कलाइयों में कंगन पहने हुए, आकाश में अपने पतियों के साथ मंद-मंद मुस्कुराती हुई आश्चर्यचकित खड़ी थीं॥ 26॥
Their wives, wearing necklaces around their necks, anklets on their feet, armlets on their arms and bracelets on their wrists, stood astonished, smiling softly with their husbands in the sky.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥